क्रशर प्लांट विवाद में ₹18 लाख की धोखाधड़ी का आरोप, एसपी से एफआईआर की मांग

 क्रशर प्लांट विवाद में ₹18 लाख की धोखाधड़ी का आरोप, एसपी से एफआईआर की मांग


(रिपोर्ट - कन्हैयालाल/सोनभद्र)



सोनभद्र। बिल्ली मारकुंडी स्थित क्रशर प्लांट संचालन विवाद में नया मोड़ आ गया है। द्वितीय पक्ष के आलोक सिंह ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना-पत्र देकर ₹18 लाख की कथित धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और अवैध क्रशर संचालन का आरोप लगाते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।



शिकायत के अनुसार 22 सितंबर 2025 को क्रशर प्लांट की यूनिट संख्या-1 और 2 के संचालन के लिए किरायानामा हुआ था। आरोप है कि शिकायतकर्ता ने ₹18 लाख अग्रिम राशि (₹12 लाख और ₹6 लाख) का भुगतान किया, लेकिन दोनों यूनिटों का कब्जा और संचालन नहीं सौंपा गया।





प्रार्थना-पत्र में आरोप लगाया गया है कि बाद में एक यूनिट किसी अन्य व्यक्ति को दे दी गई, जबकि अग्रिम राशि भी वापस नहीं की गई। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि आवश्यक प्रदूषण संबंधी अनुमति और वैध सहमति के बिना क्रशर प्लांट का संचालन कर खनिज का उत्खनन एवं बिक्री की गई, जिससे नियमों का उल्लंघन हुआ।

शिकायतकर्ता ने एसपी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर एफआईआर दर्ज करने, दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने तथा ₹18 लाख की अग्रिम राशि वापस दिलाने की मांग की है।

हालांकि, यह आरोप शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए प्रार्थना-पत्र पर आधारित हैं। मामले में पुलिस की जांच और दूसरे पक्ष का आधिकारिक पक्ष आना अभी शेष है।

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